दखल
लोकतंत्र में संसदीय मर्यादा
अमृत महोत्सव के ही दौरान संसद के नये भवन के शिलान्यास के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 दिसंबर 2020 को अपने भाषण में कहा कि भारत का लोकतंत्र…
‘बा’ और ‘बापू’
प्रभाष जोशी ने उस वक्त मुझसे कहा था कि भारत को भारत के मनीषियों को खोजना चाहिए, उनकी मानसिकता को समझना चाहिए। तब आप उसके खिलाफ भी बोल सकते हैं,…
इमरजेंसी: आजाद भारत का सबसे काला अध्याय
12 जून, 1975 को तीन घटनाएं हुई। सुबह लगभग 6 बजे इंदिरा गांधी के नजदीकी राजनयिक डी.पी. धर की मृत्यु हो गई। दिन में इंदिरा गांधी के विरूद्ध न्यायालय का…
कम्युनिस्ट कुचक्र में कांग्रेस
विगत एक - डेढ़ दशकों से देश की सबसे पुरानी पार्टी का शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व वामपंथ के मोह में जकड़ा हुआ है। राहुल गांधी और प्रियंका वढेरा वामपंथी विचारधारा के…
राजनाथ की हुंकार, मोदी की ललकार ! पाक को चेताया : “घुसकर मारेंगे।”
लोकशाही बना रहे मणिपुर ! नेहरू-युगीन अजायबघर नहीं !!
ये पैगम्बर क़े हत्यारे हैं!
वरिष्ठ समाजवादी चिंतक सच्चिदानंद सिन्हा महात्मा गाँधी की नैतिक-आध्यात्मिक विचारधारा पर आधारित अपनी चर्चित किताब 'निहत्था पैगम्बर' में लिखते हैं, पैगंबर नये मूल्यों की सूक्ष्म प्रेरणा देते हैं, लेकिन उनके…
राष्ट्रवाद का अवसरवादी दौर
गर्भ-संस्कार की पहल
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबद्ध ‘संवर्धिनी न्यास‘ ने शिशुओं को गर्भ में ही संस्कार एवं मूल्य सिखाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भ संस्कार नाम से एक…











