इमरजेंसी को याद करना उथल-पुथल की उस परिस्थिति में लौटने जैसा है
सत्ता से चिपके रहने की यह उनकी लालसा थी। वह परिस्थिति कैसे पैदा हुई? इसे समझने के लिए उस दौर की महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं को गौर से देखना चाहिए। इंदिरा…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
सत्ता से चिपके रहने की यह उनकी लालसा थी। वह परिस्थिति कैसे पैदा हुई? इसे समझने के लिए उस दौर की महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं को गौर से देखना चाहिए। इंदिरा…
अफ़गानिस्तान में जो चल रहा है वह तो सभी के सामने है। आज का मीडिया वहां की राजनीति, कूटनीति और खौफनीति से लगातार अवगत करा रहा है। लेकिन जो नीति…
एक पत्र-लेखक ने मुझे ‘प्रबुद्ध भारत’ का सितंबर का अंक भेजा है। इस अंक में संपादक ने मेरे उस उत्तर का प्रतिवाद प्रकाशित किया है, जो मैंने हाल ही में…
अपनी सघन और गहरी अनुभूतियों को कल्याण सिंह बिना कीसी शास्त्र या अनुशासन का पालन किये शब्द देते हैं। कतार के आखिरी आदमी की पीड़ा उनकी कविता के आशय में…
आज शाम, भेंट किए ग