विषय संग्रह

दखल

नए धर्मशास्त्र की भूमिका

युवा राजीव गांधीने प्रधानमंत्री बनने के बाद कहा था कि वे भारत को पश्चिमी देशों की नकल नहीं बनाना चाहते। अब तक के हर प्रधानमंत्री ने यह वादा दोहराया है…

आत्मसंयम, अनुशासन और बलिदान के बिना राहत या मुक्ति की आशा नहीं की जा सकती

गांधी जी ने 20 अक्टूबर 1920 को यंग इंडिया में एक लेख लिखा। इस लेख के जरिए गांधी जी ने प्रशिक्षित स्वंसेवकों की आवश्यकता को समझाया। उन्होंने इस लेख से…

असहयोग के समर्थन में कुछ बातें

गांधी जी ने गुजराती के नवजीवन, 3-10-1920 अंक मेंं असहयोग पर लिखा। इस लेख के इस वाक्य से इसका सार समझ सकते हैं।अगर शिक्षकों में वीरता या बहादुरी आ जाए,…

नई रीति नीति जरूरी – रामबहादुर राय

कोराना की दूसरी लहर में हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए? यह प्रश्न इसलिए है क्योंकि राजनीतिक नेतृत्व इस संकट में भी अपनी सद्बुद्धि को जगा नहीं पा रहा है। वास्तव…

भारतीयता के आदर्श हैं राम  

पूरी दुनिया में भारत की पहचान धर्म के आधार पर बनी है। भारत की पहचान यहाँ जन्में अवतारों के कारण बनी है। इससे बढ़कर भगवान के जो नित्य अवतार हैं;…

बजट पर कैलाश सत्यार्थी ने उठाए सवाल, क्या बाल कल्याण सरकार की प्राथमिकता में नहीं

केएससीएफ के सीईओ श्री एससी सिन्‍हा ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘बाल सुरक्षा सेवाएं (सीपीएस) उन बच्चों को प्रदान की जाती हैं जो दुर्व्‍यवहार या शोषण का…

किसान आंदोलन के बहाने माओवादियों की हुंवां-हुंवां

किसान आंदोलन के मंच पर धीरे-धीरे वो सभी दिखाई दे रहे हैं जो शाहीन बाग में दिखते थे। इनके निशाने पर हमेशा नरेन्द्र मोदी होते हैं। मोदी विरोध के हर…

पानी में जहर और गंगा पथ

बिल्ली होती है ना, बिल्ली । वह क्या करती है, दूध पीते समय अपनी आंखें बंद कर लेती है और सोचती है कि कोई उसे देख नहीं रहा। यही हाल…