विषय संग्रह

संविधान

संविधान सभा की भूल भुलैया

अपना संविधान बनाने की धुन में डूबे रहने के कारण क्या कांग्रेस नेतृत्व ने भारत विभाजन के खतरे को नहीं समझा? 1935 के ब्रिटिश संविधान के लागू होने के बाद…

बदलाव का हर पीढ़ी को अधिकार – रामबहादुर राय

संविधान के लक्ष्य का प्रस्ताव ‘सभी सदस्यों ने खड़े होकर स्वीकार किया।’ यह 22 जनवरी, 1947 की ऐतिहासिक घटना है। उसी से संविधान सभा को वैधानिक और आत्मिक बल मिला। संविधान…

संशोधन प्रस्ताव वापस

बहस समापन की ओर बढ़ रही थी। साथ साथ् सहमति के स्वर एक होने लगे थे। संविधान सभा के सदस्य लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव का महत्व समझ रहे थे। सवाल रास्ते…

आधुनिक जीवन का आधार है राष्ट्रीयता

संविधान सभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू के लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव पर दूसरे चरण की बहस महीने भर बाद फिर से शुरू हुई। इस अवधि में मुस्लिम लीग की प्रतीक्षा की…

जयपाल सिंह का वह भाषण

संविधान सभा में जयपाल सिंह अनुसूचित जनजाति का प्रतिनिधित्व कर रहे सदस्यों में सबसे बड़ा माना-जाना नाम था। पंडित जवाहरलाल नेहरू के लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव पर 19 दिसंबर, 1946 को…

एक रहस्य जो उजागर हुआ

आर.के. सिधवा का भाषण इस कारण भी अत्यंत महत्वपूर्ण बना रहेगा क्योंकि उन्होंने अंग्रेजों की कुटिल चाल का पर्दाफास किया। अंग्रेज भारत के लोगों को पंथ, भाषा, क्षेत्र और अन्य…

चेतावनी जो सही निकली

संविधान सभा के पांचवे दिन पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव रखा। वे चाहते थे कि उसे संविधान सभा बिना बहस के पारित कर दे। वैसा हुआ नहीं।…

कैसे बची संविधान सभा?

वर्ष 1946 की दो घटनाओं पर जितना ध्यान दिया जाना चाहिए उतना नहीं दिया गया है। पहली घटना नौसेना विद्रोह की है। इस विस्फोटक घटना ने ब्रिटिश सरकार को भारत…

संविधान सभा और भारत विभाजन

के.एम. मुंशी ने अपने भाषण में समझाया कि ‘16 मई की केबिनेट मिशन योजना का समस्त व्यावहारिक प्रयोजन के लिए अंत हो चुका है और हमारी सर्वाधिकार प्राप्त संस्था पूर्ण…