संविधान
चेतावनी जो सही हुई और देश विभाजित हो गया
संविधान सभा के पांचवे दिन पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव रखा। वे चाहते थे कि उसे संविधान सभा बिना बहस के पारित कर दे। वैसा हुआ नहीं।…
संविधान की उद्देशिका और नेहरू का लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव
भारत के संविधान की उद्देशिका का संबंध गर्भ-नाल की भांति उस लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव से जुड़ा हुआ है जिसे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत किया। संविधान…
महात्मा गांधी-क्रिप्स और नेहरू के ‘कृष्ण’ मेनन – कहानी संविधान सभा की
दूसरा विश्व युद्ध छिड़ने पर संविधान सभा के लिए पंडित नेहरू के अभियान को दो अनपेक्षित समर्थन मिले। पहला समर्थन उन्हें महात्मा गांधी से मिला। पंडित नेहरू के लिए वह…
यह रामराज्य की आधारशिला है
लंबे संघर्ष के बाद रामलला का मंदिर बनने जा रहा। संघर्ष के कई योद्धा आज हमारे बीच नहीं हैं। वो भी हम सबकी आंखों से इस गौरवशाली क्षण को जहां…
गांधी, ग्राम स्वराज्य और हमारा संविधान
आज पंचायती राज दिवस है। एक बार ठहरकर सोचें। अपने संविधान को भी निहारे, और देखें की गांधी का ग्राम स्वराज उसमें कहां था। बनाने वालों ने आखिर आजादी के…
भारतीय संविधान की समाजवादी समीक्षा
आनंद कुमार कांग्रेस समाजवादी दल के महासचिव जयप्रकाश नारायण के अनुसार, ‘संविधान ब्रिटिश शासन की उपज है। इसलिए यह हमें वैसी आजादी कभी नहीं दे सकता, जिसके लिए हम संघर्ष…
धर्म राजाओं का भी राजा है
जनवरी 20, 1947 पं. जवाहरलाल नेहरू द्वारा विधान परिषद् में प्रस्तुत किए गए लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव पर द्वितीय चरण की बहस का आरंभ डॉ. राधाकृष्णन के इसी भाषण से हुआ, अध्यक्ष…
छोटे संशोधन पर बड़ी बहस
संविधान में बदलाव के बारे में डा. भीमराव अंबेडकर और पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचार समान थे। अंबेडकर ने यह स्पष्ट रूप से कहा है कि भविष्य की पीढियां…
संविधान दिवस का महत्व
संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है, जिस दिन भारत के संविधान मसौदे को अपनाया गया था। 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू होने से…
नेहरू की जुबानी
संविधानवाद के उतार-चढ़ाव में वर्ष 1935 मील का पत्थर है। उससे जो हमारी संवैधानिक यात्रा शुरू हुई, वह इतिहास के अगर-मगर से भरी पड़ी है। स्वतंत्र भारत के निर्माताओं…
संशोधन प्रस्ताव वापस
बहस समापन की ओर बढ़ रही थी। साथ साथ् सहमति के स्वर एक होने लगे थे। संविधान सभा के सदस्य लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव का महत्व समझ रहे थे। सवाल…











