जब गांधी ने कांग्रेस को छोड़ दिया
स्वाधीनता संग्राम में 1934 का साल हर तरह से मील का पत्थर है। उसी साल महात्मा गांधी ने हिन्दू समाज में छुआछूत और ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने…
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स्वाधीनता संग्राम में 1934 का साल हर तरह से मील का पत्थर है। उसी साल महात्मा गांधी ने हिन्दू समाज में छुआछूत और ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने…
महात्मा गांधी के सामने दो बड़े प्रश्न उपस्थित थे। एक कि अंग्रेजों से पहल पुन: कैसे छीन लें? दो कि ‘कांग्रेस को लकवा मार गया है,’ उसे इस हालात…
दक्षिण अफ्रीका से वापस आने से पहले ही महात्मा गांधी ने समझ लिया था कि हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है। यही कारण है कि मातृभाषा गुजराती और…
रिजर्व बैंक ने इस बार भारत सरकार को मालामाल कर दिया। उसने भारत सरकार को 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपये दो किश्तों में हस्तांतरित करने का फैसला किया…
कांग्रेस के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप कोई नए नहीं हैं। नया सिर्फ यह है कि अब उन्हें जांच का सामना करना पड़ रहा है। उससे गुजरना पड़ रहा…
यह पहला कदम है। रास्ता लंबा है। मंजिल मिलेगी, एक-एक कदम चलकर। नरेंद्र मोदी सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया से संबंधित पहली बड़ी बाधा बेहद आसानी से पार कर ली…
संविधानवाद के उतार-चढ़ाव में वर्ष 1935 मील का पत्थर है। उससे जो हमारी संवैधानिक यात्रा शुरू हुई, वह इतिहास के अगर-मगर से भरी पड़ी है। स्वतंत्र भारत के निर्माताओं…
श्यामा चरण लाहिड़ी के जीवन में एक चमत्कार घटित हुआ। वे पहाड़ पर घूमने जाते थे। एक संन्यासी के आकर्षण ने उन्हें अपनी ओर खींचा। उस स्थान पर पहुंचे।…
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि 1937 के विधानसभा चुनाव में क्या कांग्रेस और मुस्लिम लीग का दृष्टिकोण भिन्न था? अगर भिन्न था तो उसका सार क्या था? यह…
बहस समापन की ओर बढ़ रही थी। साथ साथ् सहमति के स्वर एक होने लगे थे। संविधान सभा के सदस्य लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव का महत्व समझ रहे थे। सवाल…
आस्ट्रेलिया से मिले शुभकामना संदेशों को पढ़कर सुनाया। इसके अलावा उन्हें दो काम उस दिन करने थे। पहला, एक विवाद पर व्यवस्था देनी थी। ब्रिटिश बलूचिस्तान के खान अब्दुस्समद खां…