लेखक के लेख

रामबहादुर राय

महात्मा गांधी दो बड़े प्रश्न

  महात्मा गांधी के सामने दो बड़े प्रश्न उपस्थित थे। एक कि अंग्रेजों से पहल पुन: कैसे छीन लें? दो कि ‘कांग्रेस को लकवा मार गया है,’ उसे इस हालात…

गांधी जी जो चाहते थे

दक्षिण अफ्रीका से वापस आने से पहले ही महात्मा गांधी ने समझ लिया था कि हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है। यही कारण है कि मातृभाषा गुजराती और…

आशाप्रद भविष्य

  यह पहला कदम है। रास्ता लंबा है। मंजिल मिलेगी, एक-एक कदम चलकर। नरेंद्र मोदी सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया से संबंधित पहली बड़ी बाधा बेहद आसानी से पार कर ली…

नेहरू की जुबानी

  संविधानवाद के उतार-चढ़ाव में वर्ष 1935 मील का पत्थर है। उससे जो हमारी संवैधानिक यात्रा शुरू हुई, वह इतिहास के अगर-मगर से भरी पड़ी है। स्वतंत्र भारत के निर्माताओं…

योग-संयोग : तब और अब – लाहिड़ी महाशय के बहाने योग का सफर

  श्यामा चरण लाहिड़ी के जीवन में एक चमत्कार घटित हुआ। वे पहाड़ पर घूमने जाते थे। एक संन्यासी के आकर्षण ने उन्हें अपनी ओर खींचा। उस स्थान पर पहुंचे।…

भारत विभाजन की नींव

  सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि 1937 के विधानसभा चुनाव में क्या कांग्रेस और मुस्लिम लीग का दृष्टिकोण भिन्न था? अगर भिन्न था तो उसका सार क्या था? यह…

संशोधन प्रस्ताव वापस

  बहस समापन की ओर बढ़ रही थी। साथ साथ् सहमति के स्वर एक होने लगे थे। संविधान सभा के सदस्य लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव का महत्व समझ रहे थे। सवाल…

संविधान सभा का पहला दिन

आस्ट्रेलिया से मिले शुभकामना संदेशों को पढ़कर सुनाया। इसके अलावा उन्हें दो काम उस दिन करने थे। पहला, एक विवाद पर व्यवस्था देनी थी। ब्रिटिश बलूचिस्तान के खान अब्दुस्समद खां…