लेखक के लेख

रामबहादुर राय

आधुनिक जीवन का आधार है राष्ट्रीयता

संविधान सभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू के लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव पर दूसरे चरण की बहस महीने भर बाद फिर से शुरू हुई। इस अवधि में मुस्लिम लीग की प्रतीक्षा की…

जयपाल सिंह का वह भाषण

संविधान सभा में जयपाल सिंह अनुसूचित जनजाति का प्रतिनिधित्व कर रहे सदस्यों में सबसे बड़ा माना-जाना नाम था। पंडित जवाहरलाल नेहरू के लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव पर 19 दिसंबर, 1946 को…

राज्यसभा की घटना-विपक्ष की खोटी चाल

कोरोना काल में टेक्नालाजी के किसी भी प्लेट फार्म से अगर आपको संवाद करना है तो दो शब्दों से बच नहीं सकते, म्युट और अनम्युट। डिक्शनरी में म्युट शब्द अब…

सार्थक लोकतंत्र के महानायक-जेपी

  महात्मा गांधी ने परस्पर विपरीत प्रवृतियों के प्रतिभाशाली व्यक्तियों को स्वाधीनता संग्राम की संघर्ष  धारा से जोड़ा। उनमें एक जेपी थे। यही उनका लोकप्रिय नाम है। जिन्हें बिहार आंदोलन…

एक रहस्य जो उजागर हुआ

आर.के. सिधवा का भाषण इस कारण भी अत्यंत महत्वपूर्ण बना रहेगा क्योंकि उन्होंने अंग्रेजों की कुटिल चाल का पर्दाफास किया। अंग्रेज भारत के लोगों को पंथ, भाषा, क्षेत्र और अन्य…

आखिरी व्यक्ति की चिंता, सत्य का अवलंबन, बोल चाल की भाषा, अपनी भाषा के प्रति लगाव। यही गांधी की पत्रकारिता का सार है-रामबहादुर राय

मैंने इस ग्रीन पम्फलेट का जिक्र सिर्फ इसलिए किया क्योंकि पत्रकारिता का उस जमाने में और आज भी यह एक जरिया है। पत्रकारिता गांधी के रग-रग में थी, इसे हम…

चेतावनी जो सही निकली

संविधान सभा के पांचवे दिन पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव रखा। वे चाहते थे कि उसे संविधान सभा बिना बहस के पारित कर दे। वैसा हुआ नहीं।…

क्यों और किसने कराई पं. दीनदयाल उपाध्याय की हत्या ?

इस तरह मुगलसराय के सहायक स्टेशन मास्टर को खबर मिली। उसने बनी बनाई पद्धति अपनाई। रेलवे पुलिस को सूचना दी। रेलवे पुलिस ने अपने एक जवान को पहले भेजा और…

कैसे बची संविधान सभा?

वर्ष 1946 की दो घटनाओं पर जितना ध्यान दिया जाना चाहिए उतना नहीं दिया गया है। पहली घटना नौसेना विद्रोह की है। इस विस्फोटक घटना ने ब्रिटिश सरकार को भारत…

संविधान सभा और भारत विभाजन

के.एम. मुंशी ने अपने भाषण में समझाया कि ‘16 मई की केबिनेट मिशन योजना का समस्त व्यावहारिक प्रयोजन के लिए अंत हो चुका है और हमारी सर्वाधिकार प्राप्त संस्था पूर्ण…