लेखक के लेख

रामबहादुर राय

संघ पर प्रतिबंध

आखिरकार इंदिरा गांधी की सरकार ने 4 जुलाई, 1975 को राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगा ही दिया। इस तारीख को अपनी डायरी में बिशन टंडन ने दर्ज किया है…

भूमिगत आंदोलन में संघ

भूमिगत आंदोलन का महानायक कौन था? क्या यह हम जानते हैं? आज थोड़े से ही लोग हैं, जो इस प्रश्‍न का सही उत्तर दे सकते हैं। ऐसे लोग वे हैं,…

राजनीति में सौदागरी

मोहभंग से विवेक भी जगता है। ऐसी ही मनोदशा  में डा.शंकर  दयाल सिंह अपनी पुस्तक में संजय गांधी की बाबत आत्मनिरीक्षण के भाव से लिखते हैं, ‘शुरू-शुरू में जब संजय…

संजय काल

कांग्रेस के ऊंचे नेता शंकर दयाल सिंह की पुस्तक ‘इमरजेंसी क्या सच? क्या झूठ’ में एक अध्याय है, ‘सूर्योदय और सूर्यास्त’। किसका सूर्यादय और किसका सूर्यास्त? यह प्रश्न पाठक के…

शंकर दयाल सिंह: इमरजेंसी का बाइस्कोप

साहित्य और राजनीति के अमर नामों में एक शंकर दयाल सिंह है। वे इंदिरा गांधी की इमरजेंसी के साक्षी रहे। 1975 की इमरजेंसी में वे कांग्रेस के लोकप्रिय नेताओं में…

लालकृष्ण आडवाणी का इमरजेंसी पर प्रश्नोंपनिषद

स्वतंत्र भारत के जन-जीवन पर लालकृष्ण आडवाणी का प्रभाव अत्यंत परिवर्तनकारी रहा है। वे अपनी जीवन यात्रा के 98 सोपान पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे मिलकर जन्मदिन की…

‘मैं इमरजेंसी के खिलाफ हूं’-राष्ट्रपति फख्ररूद्दीन अली अहमद

अटल बिहारी वाजपेयी ने एक शाम फोन कर के.आर. मल्कानी को बुलाया। उन्हांने पूछा था, क्या कर रहे हो? मल्कानी ने बताया, मैं सोने जा रहा था। वाजपेयी ने अपने…

भगीरथ पुरुषार्थी : नरेन्द्र मोदी

इमरजेंसी के कुराज से दो-दो हाथ करने वाले लोकतंत्र के सेनानी कहलाए। कुछ तो ऐसे सेनानी रहे जो बिना लड़े वीरगति को प्राप्त हो गए। इस श्रेणी में वे आएंगे…

इमरजेंसी में लोकसभा के पहले दिन का प्रारंभिक विवरण: 21 जुलाई, 1975

‘ जिस प्रकार यह प्रस्ताव लाया जा रहा है उससे संसद का सरकार के समक्ष समर्पण ही प्रदर्शित होता है।’ कांग्रेस के जाने-माने नेता मोहन धारिया का यह कथन है।…

पगडंडियों के प्रतिरोध

जेपी-इंदिरा गांधी की भेंट से पहले एक और अत्यंत महत्वपूर्ण घटना हुई। वह इतिहास के पन्नों में खोजने पर भी नहीं मिलेगी, क्योंकि वह दर्ज नहीं है। वह मौखिक इतिहास…

शाहआयोग की जांच रिपोर्ट के गायब होने की कहानी

अब यह कोई नहीं कह सकता कि शाहआयोग की कोई प्रति भारत में उपलब्ध नहीं है। इसका श्रेय एरा सेझियन को जाता है। उनके ही प्रयास और योग्य संपादन से…