लेखक के लेख

रामबहादुर राय

दुगिन की नई दृष्टि

जो खबर है, वह अत्यंत साधारण सी लगती है। पर कदापि ऐसा नहीं है। साधारण इसलिए लगती है क्योंकि किसी विदेशी मेहमान के आने की उसमें प्रारंभिक तैयारियों की सूचना…

सुप्रीम कोर्ट का सही आशय समझें

क्या सुप्रीम कोर्ट ने इमरजेंसी में संशोधित उद्देशिका के दो शब्दों को मंजूरी दे दी है? ये दो शब्द हैं, समाजवाद और सेकुलरिज्म। इन दो शब्दों को उद्देषिका में शामिल…

जेपी की स्मृति में तीन आयोजन

गांधीजी के राजनीतिक उत्तराधिकार पर अनेक दावेदारियां रही हैं। इस प्रश्‍न पर हमेशा बहस होती रही है। वह आज भी है। इस पर विवाद बना हुआ है कि कौन वास्तव…

रघु कथा

रघु ठाकुर राजनीतिक नेताओं में सबसे अलग हैं। वे कई मायने में श्रेष्ठ भी हैं। लगातार भ्रमण और अभियान के बावजूद लिखते-पढ़ते रहते हैं। जितना वे यात्रा करते हैं उससे…

बुलडोजर से बड़ा संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर को एक बड़ा फैसला सुनाया। इसका प्रभाव देशव्यापी होगा। सुप्रीम कोर्ट के सामने बहुत पहले एक अपील आई। उसमें न्याय की गुहार थी। जगह-जगह राज्य…

संविधान-75

यह तारीख सचमुच ऐतिहासिक है, 1949 का 26 नवंबर। संविधान के सपने के पूरे होने का यह दिन है। सबसे पहले लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने यह सोचा कि अपना एक…

यह भेंट क्यों महत्वपूर्ण है!

रूस का कजान शहर इस समय चर्चा में है। इसके दो कारण हैं। एक, वहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ। दो, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति शी…

इमरजेंसी का सच

इमरजेंसी के इतिहास में 25 जून, 1975 का दोहरा महत्व है। दोहरा इसलिए कि एक तरफ प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी‘परिवार की तानाशाही’ की साजिश रच रही थीं, तो दूसरी तरफ राजधानी…

घोषित इमरजेंसी का राजफास

भारत का हर सजग नागरिक यह तो भलीभांति जानता है कि राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों की गिरफ्तारियां पहले ही शुरू हो गई। इमरजेंसी की घोषणा अगले दिन हुई। ऐसा क्यों…