लेखक के लेख

रामबहादुर राय

गुजरात की पगडंडी

यूरोप-अमेरिका में जो लोकतंत्र है, वह उनकी राजनीति और जीवन रीति में है। वहां के  राजनीतिज्ञ भारत के लोकतंत्र को अपने चश्मे और दृष्टिकोण से शुरू से ही देखते रहे…

50 साल: इमरजेंसी का सच चंद्रशेखर-इंदिरा गांधी: युधिष्ठिर-गांधारी

‘ हर रोज कोई न कोई यह बात दोहरा जाता है कि आखिर आपको क्यों जेल में रखा गया है, सरकार छोड़ती क्यों नहीं! मैं कोई उत्तर दे नहीं पाता,…

50 साल: इमरजेंसी का सच जे.पी-इंदिरा गांधी: सत्य-असत्य

इंदिरा गांधी ने अपने शासनकाल में दो बार देश में इमरजेंसी लगवाई। दूसरी इमरजेंसी 1975 की है। उस काल में एक तरफ प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तानाशाही थी तो दूसरी…

क्या इंदिरा गांधी लोकतांत्रिक थीं?

जिस इंदिरा गांधी ने सिर्फ अपने पद के लिए इमरजेंसी लगाकर देश पर तानाशाही थोप दी, क्या उन्हें लोकतांत्रिक भी कहा जाना चाहिए? यह प्रश्न आज स्पष्ट उत्तर चाहता है।…

25 जून 1975, परत-दर-परत गलतबयानी

शाह आयोग की रिपोर्ट यह बताती है कि इमरजेंसी लगाने के लिए प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने परत-दर-परत गलतबयानी की। राष्‍ट्रपति से लेकर नागरिक तक को गुमराह किया। अपने कार्यालय के…

12 जून, 1975 कहां-क्या हुआ!

बारह जून 1975 को एक ही प्रश्न पूरे देश में घुमड़ रहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत न दी तो क्या प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी त्याग-पत्र देंगी? बिशन…

इंदिरा गांधी की धूर्तताभरी चालबाजी

इमरजेंसी के 50 साल पूरे हो रहे हैं। देश में इमरजेंसी की घोषणा को इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र के बचाव में मजबूरन उठाया गया कदम कहा। उनके विरोधियों ने उसे…

पंचायती राज-मंजिल दूर है

भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है। यह 2024 के अध्ययन पर आधारित है। देश भर में पंचायतें कैसा कार्य कर रही हैं? यह प्रश्‍न…

विदूषक मंडली की करूण कहानी

अरविंद केजरीवाल की नौटंकी खबरों में है। इसमें वे और उनके साथी हैं। अरविंद केजरीवाल के कारण उनके साथी भी चर्चा में हैं। कितने दिन वे लोग खबरों में रहेंगे?…

अतिपराक्रमी नेताजी सुभाष चंद्र बोस

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अनोखे पराक्रम के प्रेरक पुरूष हैं। वे इतिहास पुरूष भी हैं। उन्हें इस रूप में प्रस्तुत करने की विशेष और बहुविध पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने…

गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय ने देशज ज्ञान को भारत के पुनर्निर्माण का आधार बनाया

इसके ठीक विपरीत पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने नई प्रथा प्रारंभ की। लीक से हटकर चलने की वह प्रथा प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उसी से एकात्म मानव दर्शन निकला। वह भारत…

मोहन भागवत का संदेश – भारतीयता अपनाएं

हर समय का एक युगधर्म होता है। आज का युगधर्म क्या है? राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत सतत अपने व्याख्यानों में यही तो देशवासियों को समझा रहे हैं।…