लेखक के लेख

शिवेन्द्र राणा

मी लार्ड, जरा सुनिए!

आयोग अधिनियम, 2014 को लागू किया था. इसके अंतर्गत उच्च एवं उच्चतम न्यायालयों में न्यायधीशों की नियुक्ति के सम्बन्ध में एक स्वतंत्र-समावेशी निकाय के रूप में परिकल्पित राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति…

विवाह सम्बन्ध -विच्छेद में अवसर की तलाश

चाहिए लेकिन उसके माँ-बाप नहीं चाहिए. पति अपने भाई-बहन की जिम्मेदारी ना ले और जल्द से जल्द परिवार का त्याग कर अपना पृथक जीवन जीये.अपनी आय का इस्तेमाल केवल पत्नी…

मानवाधिकार पर नये विमर्श की आवश्यकता

मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा में 'मानव अधिकारों' को स्पष्टतया परिभाषित नहीं किया गया. बल्कि यह घोषणा उसे 'मानव परिवार के सभी सदस्यों के समान एवं असंक्रमणीय अधिकार' कहती है. मानवाधिकार…

नौकरशाही: जर्ज़र रुढ़ीवादियों से मुक्ति की उम्मीद

स्वविवेक से अखिल भारतीय सेवाओं हेतु भर्ती की सुरक्षा, अनुशासन संबंधी कार्रवाई आदि के मामले में कुछ कतिपय प्रकार के संवैधानिक सुरक्षा उपाय की व्यवस्था की. वही आज नौकरशाही के…

प्रदेश विभाजन के नये दावेदार

बात सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की ही कर लेते हैं जो स्वयं को राजभर जाति का एकमात्र स्वयंभु नेता मानते हैं. पूर्वांचल में राजभर जाति की आबादी लगभग 12 से…

विभाजन की विभीषिका का यथार्थ

1947 में अखंड भारत के वक्षस्थल को मजहबी उन्माद की तलवार से चीर कर इस्लामिक अधिकृत क्षेत्र का निर्माण किया गया. रातों-रात करोड़ हिंदू अपने ही मुल्क में शरणार्थी बन…

ये पैगम्बर क़े हत्यारे हैं!

वरिष्ठ समाजवादी चिंतक सच्चिदानंद सिन्हा महात्मा गाँधी की नैतिक-आध्यात्मिक विचारधारा पर आधारित अपनी चर्चित किताब 'निहत्था पैगम्बर' में लिखते हैं, पैगंबर नये मूल्यों की सूक्ष्म प्रेरणा देते हैं, लेकिन उनके…

ये पत्रकारिता की दुर्गति है

पिछले दिनों एक चर्चित हिंदी समाचार चैनल की महिला उद्घोषिका का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे स्टूडियो में छाता लेकर एंकरिंग कर रही हैं. पीछे विशालकाय स्क्रीन पर…

आपातकाल: ज़ब संविधान की प्रस्तावना अपमानित हुई

संविधान, जिसे भारत में धर्म ग्रन्थ सरिखा सम्मान प्राप्त है, के इतिहास में कई महत्वपूर्ण तिथियां अंकित हैं. ऐसी ही एक तिथि 25-26 जून की है ज़ब देश में आपातकाल…