लेखक के लेख

शिवेन्द्र राणा

लोकतान्त्रिक स्मृति में आपातकालीन इतिहास की युति-वियुति

का चित्रण है. पंद्रहवें अध्याय में सिंधिया परिवार से इंदिरा के उलझाव- सुलझाव का रोचक इतिहास, सत्रहवें अध्याय में जनता पार्टी की टूट पर मधु लिमये एवं लालकृष्ण आडवाणी के…

अनुबंध और संविदा: रोजगार की वैधता का अनर्थ

रोजगार का क़ानून तो उस ब्रिटिश कालीन रौलेट-एक्ट (सन् 1919) की याद दिलाता है जहाँ 'ना कोई अपील, ना वकील, ना दलील' का नियम था. वैसा ही कुछ सरकार की…

जन चेतना की मंद मशाल

' की व्याख्या भी जड़ आधारित एवं धर्म की अर्थ से होती है. यह भी सही है कि भौतिक जीवन के संघर्षों के कारण अभौतिक क्षेत्र में तलाशना तथा उनके…

राज्य, भाषा और राजनीति

कुटिलता में डीएमके ने पूरे तमिलनाडु को उपद्रव की आग में झोंक दिया. राज्य के सैकड़ो गाँवों में हिन्दी के पुतले और हिन्दी की किताबें, यहाँ तक कि हिन्दी में…

संस्कृति-संविधान द्वारा संरक्षित राष्ट्रीय कुटुम्ब

काबिल समझे जा रहे हैं. यह विकृति नहीं तो और क्या है?  दूसरी ओर आज जो धर्म और धार्मिकता के प्रतीक राष्ट्र के सार्वजनिक जीवन में प्रदर्शित हैं, वे तो…

मानसिक विकृतियों को प्रोत्साहित करता सिनेमा

पर विवाद खड़ा हो गया. बढ़ते सामाजिक विरोध के बाद निर्देशक असीम अब्बासी ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इसे बंद करने की घोषणा की. उसी समय भारत में शर्मिला…

ये वास्तविक वंचित-शोषितों के प्रति अन्याय है!

और उसके साथ सबसे जरुरी है, आरक्षण के पिछले सत्तर सालों के लाभ प्राप्त जातियों की स्थिति की पूर्ण सूचना इकठ्ठी कर सार्वजनिक रूप से प्रकाशित हो. क्योंकि अब मूल…

लोकतंत्र रक्षकों की ‘संविधान हत्या दिवस’ से वितृष्णा क्यों

संविधान के 39 वें संशोधन के नाम पर बदल दिया गया. गुजरात एवं तमिलनाडु की गैरकांग्रेसी सरकारों क़ो बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. स्वर्ण सिंह समिति की…

आंदोलन और अराजकता का अन्तर समझिये!

जीवन को प्रभावित करती है. आप धरती पर श्रेष्ठ ईश्वरीय विधान के जीवन रक्षक है. आप ही अपने कर्तव्य से मुँह मोड़ेंगे तो स्वास्थ्य व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जायेगी और हुईं…