लोकतंत्र के लिए घातक होगा “कांग्रेस मुक्त भारत”
कांग्रेस में या तो योग्य नेतृत्व का अभाव है या वह चाहती ही नहीं कि प्रबुद्ध एवं जनाधार वाले नेता उसका प्रतिनिधित्व करें. एक तरफ उसके नेता उदित राज एवं…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
कांग्रेस में या तो योग्य नेतृत्व का अभाव है या वह चाहती ही नहीं कि प्रबुद्ध एवं जनाधार वाले नेता उसका प्रतिनिधित्व करें. एक तरफ उसके नेता उदित राज एवं…
इन विवादों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल अधिकार के संरक्षण की जो जिम्मेदारी देश के सर्वोच्च न्यायालय की है, आश्चर्यजनक रुप से उसका निर्वहन अत्यंत चयनित तरीके से…
भाषा क्षेत्रीयता एकता या राज्य गठन का आधार बन सकती है, यह बात पिछले पांच दशकों में गलत सिद्ध हो चुकी है. जिस तेलगु भाषी एकता के नाम पर आंध्रप्रदेश…
कम्युनिस्ट नेता वामपंथ के अवसान की बात को स्वीकार नहीं करते. माकपा नेत्री वृंदा करात अपने एक आलेख में लिखती हैं, "वामदल तो हमेशा से ऐसे…
अपने विचारों में अपने धर्म के प्रति आस्था प्रकट करना अलग बात है किन्तु व्यवहार मे गाँधी जी ने पंथनिरपेक्षता के वो मानक स्थापित किये हैं…
में महिलाओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का इतिहास रहा है. जो भी गैर-सनातनी लोग मंदिर प्रबंधन पर भेदभाव का आरोप लगातें हैं, उन्हें प्रत्येक धर्मों-पंथों के…
कहा जाता है. अपने अस्तित्वमान होने के बाद से ही यह कलापूजकों के विभिन्न वर्ग यथा लेखकों, शायरों-कवियों, रंगमंचिय कलाकारों का आश्रय स्थल बना. परंतु 70 के दशक में जब…
सिद्धांतों एवं व्यवहार में कई ऐसी बातें हैं जिन्हें आलोचना के दायरे में रखा जा सकता है. चलिए 'संघियों एवं दक्षिणपंथियों' की आलोचना भले स्वीकार्य ना हो, किंतु गांधी जी…
7,500 प्रतिनिधियों में 400 मुसलमान थे और इन 400 में 340 अशराफ और केवल 60 पसमांदा समाज से थे. अगर भारत में मुसलमानों की आबादी 13.4 फीसद (जनगणना, 2001) है…
का कहना था कि संसदीय लोकतंत्र में सभापति या अध्यक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह सदन के अधिकारों एवं विशेषाधिकारों का संरक्षक होता है. दसवीं अनुसूची के अंतर्गत मामलों…
इस दुष्कृत्य के मूल संदर्श को समझना आवश्यक है. इसी सन्दर्भ से सम्बंधित एक ऐतिहासिक घटना है. गांधी जी के अफ्रीका प्रवास के दौरान एक बार सड़क पर…